नीला आसमान लपेटे हुए रौशनी को
देकर अपनी परछाई
बूंदों को लेकर अपने साथ जो
जा रहा हे आसमान में
बादल देखो जो मुस्कुरा रहा हे
बरसने को हे जो बेताब
करने शांत जमीं को जो
बहा रहा हे पानी मानो होकर
देकर अपनी परछाई
जो जला रहा हे धरा को
पिघला रहा हे लोहे कोबूंदों को लेकर अपने साथ जो
जा रहा हे आसमान में
बादल देखो जो मुस्कुरा रहा हे
बरसने को हे जो बेताब
करने शांत जमीं को जो
बहा रहा हे पानी मानो होकर
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