Saturday, August 18, 2018

नही अब में थक गया हूं
ये काम का बोझ अब
मुझसे  ढोहा नही जाता,,,,
अब थोड़ा आराम करने दो
ये थकावट अब
मेरा कहना नही मानती
थोड़ा  आराम कर लेता हूं
अरे कहा,,,
कल तो घर की किश्त भरनी है
स्कूल की फीस बाकी है
ओर ये खाली पड़े डब्बे
नही नही,,,
रुको में जाता हूं काम पर
शाम को आ जाऊंगा
इंतजार मत करना ,,,,,

अटल से अनंत तक


नयन पटल से एक तारा टूटा
सूरज से सन्मुख एक साथी छूटा
नाम अटल है
स्वर अटल है
सत्य अटल है
वीर अटल है
गंगा की हर धार अटल है
सूरज का हर ताप अटल है
सागर के उस पार अटल है
कर्म अटल है
अमर अटल है अमर अटल है