Saturday, August 18, 2018

अटल से अनंत तक


नयन पटल से एक तारा टूटा
सूरज से सन्मुख एक साथी छूटा
नाम अटल है
स्वर अटल है
सत्य अटल है
वीर अटल है
गंगा की हर धार अटल है
सूरज का हर ताप अटल है
सागर के उस पार अटल है
कर्म अटल है
अमर अटल है अमर अटल है

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